कहा- हम बोर्ड के मेंबर और हमसे ही पर्देदारी; गांगन नदी पर अवैध कब्जों का मुद्दा भी गूंजा | Said- We are the members of the board and we are covered; The issue of illegal encroachments on Gangan also echoed


मुरादाबाद5 घंटे पहले

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एमडीए की बोर्ड बैठक में शासन के नामित सदस्यों की नाराजगी पूरी मीटिंग में गूंजती रही।

मास्टर प्लान के मुद्दे पर बुधवार को 5 घंटे चली एमडीए बोर्ड की बैठक की शुरुआत थोड़ी हंगामेदार रही। मास्टर प्लान तो पास हो गया लेकिन इससे पहले सदस्यों की अफसरों से जमकर तकरार हुई। बैठक शुरू होते ही शासन से नामित दो सदस्यों विकास जैन और राजू कालरा ने बैठक स्थगित करने की मांग कर दी। इन दोना का कहना था कि उन्हें एजेंडा समय से नहीं दिया गया। बैठक से एक दिन पहले ऑफिस बुलाकर वीसी ने एजेंडा दिया भी तो उसमें मास्टर प्लान की आपत्तियों पर डिसीजन वाले पेज ही गायब थे। दोनों सदस्यों ने कहा कि जब तब वो आपत्तियों पर एमडीए कमेटी के डिसीजन को स्टडी नहीं कर लेते तब तक मास्टर प्लान पर अपनी राय कैसे दे सकते हैं। दोनों सदस्यों ने मास्टर प्लान पर साइन करने से मना कर दिया। दोनों सदस्यों ने कहा कि वो एमडीए बोर्ड के मेंबर हैं और इस नाते उन्हें एजेंडा समय से मिलना चाहिए था। लेकिन एमडीए अधिकारी बोर्ड के सदस्यों से ही पर्देदारी कर रहे हैं। आरोप लगाया कि सदस्य होने के बावजूद वो बेखर हैं जबकि एमडीए के टाइपिस्ट से लेकर बाबुओं तक के हाथ में एजेंडे की कॉपी लगी है।

बहरहाल कमिश्नर आन्जनेय सिंह और डीएम शैलेंद्र सिंह के समझाने पर दोनों सदस्य किसी तरह बोर्ड बैठक जारी रखने पर सहमत हुए। लेकिन दोनों सदस्यों की नाराजगी रह रहकर पूरी बैठक में गूंजती रही। शासन से नामित इन दोनों सदस्यों ने कई ऐसे मुद्दे भी उठाए, जिनके जवाब प्राधिकरण अफसरों के पास नहीं थे। सदस्यों ने प्राधिकरण अफसरों पर पक्षपात से लेकर बेईमानी करने तक के आरोप मढ़े। सदस्य राजू कालरा ने तो मास्टर प्लान में ही 100 करोड़ के झोलमाल का आरोप मढ़ दिया।

  • अब आपको बताते हैं सदस्यों का विरोध उन्हीं की जुबानी

हमें एजेंडा नहीं दिया, पैचेज में लैंडयूज बदला: विकास जैन

शासन की ओर से मुरादाबाद विकास प्राधिकरण में नामित सदस्य विकास जैन ने दैनिक भास्कर से कहा- “मुझे और दूसरी साथी सदस्य राजू कालरा को प्राधिकरण ने समय से एजेंडे की कॉपी नहीं दी। हमने इस बारे में प्राधिकरण सचिव को कई बार कॉल भी किया। मीटिंग से एक दिन पहले यानी मंगलवार को जब हम एमडीए ऑफिस मिलने पहुंचे तो हमें एजेंडे की कॉपी दी गई। लेकिन कॉपी में जिन पेपर्स को संलग्न के तौर पर दर्शा रखा था, वो पेज एजेंडे की प्रति से गायब थे। हमें मास्टर प्लान पर आई आपत्तियों और उनके निस्तारण के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई।”

ये तस्वीर भाजपा नेता और मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के नामित सदस्य विकास जैन की है।

ये तस्वीर भाजपा नेता और मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के नामित सदस्य विकास जैन की है।

विकास जैन बोले- “मैंने इस मामले में विरोध दर्ज कराया। लेकिन अधिकारियों ने कहा कि बैठक में मास्टर प्लान पास होना जरूरी है। इसलिए हमने कोई जिद नहीं की। मैंने बैठक में पैचेज में लैंडयूज बदले जाने का विरोध किया। मैंने ये भी कहा कि जब कांठ रोड को बाजार स्ट्रीट किया गया है तो फिर हरथला बाजार को क्यों छोड़ दिया गया। बाजार स्ट्रीट के बीच – बीच में ग्रीन पैच छोड़ दिए गए, जोकि गलत है। गांगन नदी पर अतिक्रमण का मुद्दा भी उठा। एक तरफ हमने गांगन नदी के किनारे 100 मीटर ग्रीन बेल्ट बोर्ड में पास की है। जबकि मौके पर पूरी गांगन नदी पर अवैध कब्जे हैं। गांगन किनारे रिवर साइड पर रिवर फ्रंट तभी विकसित हो सकता है जब ये अवैध कब्जे तोड़े जाएं।”

मास्टर प्लान में 100 करोड़ का झोलमाल: कालरा

एमडीए बोर्ड में शासन की ओर से नामित दूसरे सदस्य राजू कालरा ने दैनिक भास्कर से कहा- “प्राधिकरण अधिकारियों ने हमें एजेंडा समय से नहीं दिया। एक दिन पहले दिया तो भी उसमें से अटैचमेंट गायब कर दिए। हमें नहीं बताया गया कि मास्टर प्लान पर आई आपत्तियों पर एमडीए ने क्या डिसीजन लिया है। हमें बतौर सदस्य ये जानने का अधिकार था, लेकिन हमसे ये पेपर्स जानबूझकर छुपाए गए। हमने जोरदार एतराज किया तो बोर्ड बैठक से महज 20 मिनट पहले हमें ये पेपर्स मीटिंग रूम में ही उपलब्ध कराए गए।” राजू कालरा बोले- “मुझे कई मुद्दों पर आपत्ति थी। मैंने ये बातें बोर्ड में उठाईं। जिनका अधिकारी कोई जवाब नहीं दे सके। अधिकारी तो आज हैं कल चले जाएंगे। इस शहर में हमें रहना है और एक शहरी के तौर पर हम यहां की समस्याओं को बेहतर समझते हैं। लेकिन अधिकारी हमीं से पर्देदारी कर रहे हैं। मैंने बोर्ड बैठक को स्थगित करने की मांग उठाई थी। लेकिन कमिश्नर और डीएम के कहने पर हम इस मांग से पीछे हट गए। मैंने मीटिंग में ये बात खुलकर कही कि मास्टर प्लान के ड्राफ्ट में 100 करोड़ का झोलमाल हुआ है।”

ये तस्वीर भाजपा नेता और मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के नामित सदस्य राजू कालरा की है।

ये तस्वीर भाजपा नेता और मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के नामित सदस्य राजू कालरा की है।

अवैध निर्माणों पर एक्शन में पक्षपात का आरोप लगाया

सदस्य राजू कालरा ने बोर्ड बैठक में अवैध निर्माणों पर एक्शन के मामले में एमडीए पर पक्षपात करने के आरोप लगाए। कालरा ने कहा कि आखिर कैसे शहर में इतनी अवैध कालोनियां बनती चली गईं। आरोप लगाया कि सबकुछ प्राधिकरण की सरपरस्ती में होता है। कालरा ने आरोप लगाया कि, जहां से एमडीए का जेई पैसे ले लेता है वहां निर्माण होता है और जहां से नहीं मिलते वहां सील लग जाती है। पुराने शहर में एमडीए की सीलों पर भी एतराज जताया। कालरा ने कहा किसी मकान में सौ साल से रह रहे लोग यदि उसे तोड़कर दोबारा बना रहे हैं या मरम्मत करा रहे हैं, तब भी एमडीए वहां सील लगा देता है। गांगन नदी पर हुए अवैध कब्जों पर कार्रवाई का मुद्दा भी उठा। जिसके बाद कमिश्नर ने एमडीए को निर्देश दिए कि गांगन नदी में जहां भी अवैध कब्जे हैं उन्हें ध्वस्त किया जाए। बता दें कि कमिश्नर पूर्व में भी गांगन नदी को कब्जा मुक्त करने के निर्देश प्राधिकरण को देते रहे हैं। उन्होंने पूर्व वीसी मधुसूदन हुल्गी को इसके लिए तीन बार लेटर जारी किया था। लेकिन प्राधिकरण अफसर गांगन नदी पर हुए अवैध कब्जों को ध्वस्त नहीं कर पा रहे हैं। सदस्य राजू कालरा ने कहा कि, ऐसे ही उदाहरण हैं, जिनकी वजह से प्राधिकरण पर पक्षपात का आरोप लगता है और अफसर सवालों के घेरे में हैं। उन्होंने कहा कि 100-200 मीटर में छोटे मोटे निर्माणों पर एमडीए बुलडोजर चला देता है जबकि गांगन नदी की सैकड़ों बीघा सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करके किए गए अवैध निर्माणों पर एमडीए कोई एक्शन नहीं ले रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी कब्जा करने वालों को हाईकोर्ट से स्टे लाने के लिए लंबी – लंबी मोहलत दे रहे हैं।

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