गलत इंजेक्शन देने से आंखों में आई सूजन, सनबीम आई हॉस्पिटल का मामला | Swelling of eyes due to wrong injection, case of Sunbeam Eye Hospital


सुल्तानपुर37 मिनट पहले

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सुल्तानपुर में सनबीम आई हॉस्पिटल में आयुष्मान कॉर्ड धारक की आंख के ऑपरेशन से पहले बरती गई लापरवाही से पीड़ित की आंख में सूजन आई है। पीड़ित ने पूरे मामले की शिकायत डीएम के जनता दरबार में पहुंचकर की है। हालांकि इस मामले में सीएमओ डीके त्रिपाठी ने जांच कर कार्रवाई की बात कही है।

कॉर्ड से पैसे निकालने का भी लगाया आरोप

मामला नगर के सनबीम आई हॉस्पिटल से जुड़ा है। यहां धम्मौर थानाक्षेत्र के चंदेलेपुर निवासी रामकुमार पुत्र पन्नालाल आयुष्मान कॉर्ड धारक हैं। बीती 15 नवंबर को वो इसी हॉस्पिटल में अपनी आंख का ऑपरेशन कराने पहुंचा था। आरोप है कि अशिक्षित लोगों द्वारा उसका इलाज किया गया।

जिससे उसकी आंख में इंफेक्शन व सूजन आ गई है। पीड़ित रामकुमार ने इस संबंध में डीएम रवीश गुप्ता से बुधवार को मिलकर लिखित शिकायत की। पीड़ित मरीज का कहना है कि उसके आयुष्मान कॉर्ड से डॉक्टर द्वारा पैसे निकाल लिये गये हैं। लेकिन आज तक उसकी आंख में लेंस लगाया नहीं गया है।

मामले में डॉक्टर ने दिया बयान

पीड़ित ने बताया कि उसकी आंख अब खराब होकर बैठ रही है। उसने मामले में कार्रवाई की मांग किया है। मामले में हॉस्पिटल के डॉक्टर ऋषभ जयसवाल ने बताया कि मरीज 15 नवंबर को आया था। आंख मे ब्लॉक के कारण उसमें सूजन आ गई। जिस कारण ऑपरेशन नहीं किया जा सका है। सूजन जाने में करीब 20 से 25 दिन लगेंगे। उसके बाद ही ऑपरेशन संभव है।

सीएमओ बोले कराएंगे जांच

वहीं इस मामले में जब मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. डीके त्रिपाठी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि पीड़ित अभी हमारे पास आया नहीं है। मामला संज्ञान में आ गया है। अगर वो आयुष्मान कॉर्ड धारक है तो उसका ऑपरेशन होना चाहिए। हम पूरे मामले की जांच करा लें फिर जो कार्रवाई संभव होगी वो की जाएगी।

17 साल पहले दस की गई थी रोशनी

आपको बता दें कि पूर्व में 18 नवंबर 2005 से दिसंबर 2005 तक कादीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में निशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन एवं लेंस प्रत्यारोपण शिविर का आयोजन जिला अंधता निवारण समिति की ओर से किया गया था। डॉक्टरों एवं अन्य कर्मियों की लापरवाही से दस लोगों की आंख की रोशनी चली गई थी। आरटीआई एक्टीविस्ट डॉ. राकेश सिंह ने 2009 में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में जनहित याचिका दायर की थी।

3 लाख रुपए तक मुआवजा दिलाया जाये

4 मार्च 2014 को हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि राज्य मानवाधिकार आयोग मौके पर जाकर जांच करें। यह तय करें कि किस पीड़ित को कितना मुआवजा दिया जाए। कोर्ट के आदेश पर राज्य मानवाधिकार आयोग ने कादीपुर क्षेत्र का दौरा कर तत्कालीन सीएचसी प्रभारी कादीपुर डॉ. डीके सिंह, तत्कालीन नेत्र सहायक बद्री नारायण और याचिका कर्ता डॉ. राकेश सिंह से मुलाकात कर उनका पक्ष लिया था।

बीते 11 अक्टूबर को कोर्ट में राज्य मानवाधिकार आयोग की सिफारिश पर तत्कालीन न्यायमूर्ति राकेश तिवारी और न्यायमूर्ति प्रत्यूष कुमार की खंडपीठ ने राज्य सरकार से कहा था कि ऐसे पीड़ित लोगों को तीन लाख रुपए तक मुआवजा दिलाया जाये।

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