ठेकेदार ने बंद कर दिया नाला, नतीजा-ब्लड बैंक से ट्रोमा सेंटर तक 15 दिन से भर रहा गंदा पानी | The contractor closed the drain, the result – dirty water filling from blood bank to trauma center for 15 days


चूरू34 मिनट पहले

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ब्लड बैंक की बिल्डिंग के सामने भरा गंदा पानी।

जिले के सबसे बड़े राजकीय डीबी अस्पताल की एमसीएच विंग का ड्रेनेज सिस्टम इन दिनों फेल हो गया है। ब्लड बैंक के आगे से दूरसंचार विभाग वाली गली में जाने वाले पानी की निकासी पिछले 15 दिन से बंद है। अस्पताल अधीक्षक का कहना है कि सड़क बनाने वाले ठेकेदार ने नाला बंद कर दिया, अस्पताल का गंदा पानी बाहर नहीं जाता, जिससे ब्लड बैंक के आगे पानी भरने लगा है।

आश्चर्य की बात ये है कि ये समस्या पिछले 15 दिनों से है। नगर परिषद की शराफत देखिए कि ब्लड बैंक के आगे ज्यादा पानी भरने पर मोटर भेजकर टैंकरों से पानी को भरकर ले जाते हैं, लेकिन सड़क निर्माण के दौरान नाला बंद करने वाले संबंधित ठेकेदार को एक बार भी तलब नहीं किया, नतीजा अस्पताल में ब्लड डोनेशन करने वाले एवं ले जाने वाले दोनों परेशान है।

एक्सपर्ट व्यू – लंबे समय तक गंदा पानी एक जगह इकट‌्ठा रहने से संक्रमण की आशंका

पूर्व पीएमओ व वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. एमएल श्यामसुखा ने बताया कि किसी भी स्थान पर लंबे समय तक गंदा पानी इकट‌्ठा रहने से संक्रमण की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। अस्पताल परिसर में ऐसी स्थिति मरीजों के लिए खतरनाक साबित हो सकती। ब्लड बैंक के आगे तो सफाई रहनी जरूरी है।

दरअसल डीबीएच को छोड़कर एमसीएच विंग का गंदा पानी ब्लड के आगे से दूरसंचार विभाग की कॉलोनी वाली गली में जाता था। पिछले दिनों ने इस गली में सड़क बन गई। इस दौरान सड़क बनाने वाले ठेकेदार ने अस्पताल के अंदर से आने वाले नाले को बाहर से बंद कर दिया, जिसके कारण एमसीएच का सारा गंदा पानी ब्लड बैंक के आगे इकट‌्ठा हो जाता है, यहां ज्यादा पानी होने पर ढलान में होने के कारण ट्रोमा सेंटर के आगे तक भर जाता है, जिससे ब्लड बैंक, ट्रोमा विंग एवं मोर्चरी में जाने वालों को रोज परेशानी होती है।

3 नवंबर को महिला आयोग अध्यक्ष रेहाना रियाज ने ट्रोमा बिल्डिंग के आगे गंदा पानी देखकर नाराजगी जताई थी, आश्चर्य है तब से लेकर अब तक अस्पताल प्रशासन निकासी की माकूल व्यवस्था नहीं कर सका।

सड़क से लेवल नीचा होने से पानी बाहर नहीं जाता

डीबीएच का ड्रेनेज सिस्टम भी अजीब है। पुरानी बिल्डिंग होने एवं सड़क का लेवल ऊंचाई पर होने के कारण इस बिल्डिंग का पानी बाहर नहीं जा पाता, जिसके कारण डीबीएच का ड्रेनेज व सीवरेज का पानी पिछवाड़े बने सोखते गड‌्ढ़ों में पाइपलाइन के जरिये जाता है। डीबीएच के पहले पीएमओ डॉ. श्यामसुखा का कहना है ये बिल्डिंग 1965 में बनी थी। उस समय अस्पताल की बिल्डिंग के सीवरेज व ड्रेनेज ट्रीटमेंट के लिए पिछवाड़े कुई बनी हुई थी, जिसमें निकासी होती थी।

सड़क बनाने वाले ठेकेदार ने नाला बंद किया, इसलिए समस्या : अधीक्षक

ब्लड बैंक के सामने वाली गली में सड़क बनाते समय पिछले दिनों ठेकेदार ने नाला बंद कर दिया, जिससे एमसीएच का पानी ब्लड बैंक से लेकर ट्रोमा सेंटर के आगे इकट्ठा होने लगा। ज्यादा पानी होने पर नगर परिषद के टैंकरों में मोटर से निकासी करते है। आयुक्त एवं सफाई निरीक्षक को अवगत करा दिया है।
-डाॅ. हनुमान जयपाल, अधीक्षक, डीबीएच

सड़क बनाने के दौरान नाला बंद कर दिया। अब आचार संहिता लगी हुई, इसलिए अस्पताल में भरने वाले पानी की निकासी मोटर लगाकर टैंकरों के जरिये कर रहे है। आचार संहिता के बाद गली की सड़क के किनारे नाली बनाकर एमसीएच विंग के पानी की निकासी करवाई जाएगी।
मघराज डूडी, आयुक्त, नगर परिषद

अस्पताल में गंदे पानी की समस्या के बारे में जानकारी है। इस बारे में आयुक्त ने संबंधित ठेकेदार को बुलाकर नाली बनाने के लिए कह दिया है, जब तक नाली नहीं बनती तब तक वाहन मोटर लगाकर टैंकर से पानी निकाल रहे हैं।
-संदीप लांबा, सफाई निरीक्षक, नगर परिषद

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