सुहालका को मैग्जीन और विस्फोटक सामग्री सप्लाई करते थे, लाइसेंस नहीं था तो 3 गुना रेट्स पर बेच रहे थे सामान | Supplying magazines and explosive material to Suhalka, did not have license, then sold detonators at 3 times the rates


उदयपुर35 मिनट पहले

इस मामले में अब तक 8 आरोपी पकड़े जा चुके हैं। इसमें ब्लास्ट करने वाला धूलचंद मीणा, उसका भतीजा प्रकाश और डेटोनेटर बेचने वाले बिहारीलाल-अकुंश सुहालका है। इसके बाद अब तक सुहालका को सप्लाई करने के वाले 4 लोगाें को पकड़ा गया है।

उदयपुर में ओडा रेलवे ब्रिज ब्लास्ट मामले में एटीएस ने चार और आरोपियों को गिफ्तार किया है। ये सभी आरोपी उदयपुर के रहने वाले है। इन्होंने ही धोल की पाटी निवासी बिहारी लाल और अंकुश सुहालका को ब्लास्ट की सामग्री बेची थी। ये सभी आरोपी लाइसेंसधारी होकर मैगजीन और विस्फोटक बेचने का काम करते है। उदयपुर एटीएस ने प्रतापनगर निवासी पिता लोकेश और उसके बेटे अमित के साथ सेक्टर 4 निवासी भरतराज सेन और मल्लातलाई निवासी अशोक मीणा को गिरफ्तार किया है। एटीएस आज सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश करेगी।

मुख्य आरोपी धूलचंद मीणा ने बिहारीलाल सुहालका से विस्फोटक खरीदा था।

रेलवे ट्रेक ब्लास्ट मामले में मुख्य आरोपी धूलचंद ने बिहारी लाल और अंकुश से विस्फोटक खरीदा था। बिना लाइसेंस बिहारीलाल सुहालका 7-8 सालों से चारों आरोपियों से मैग्जीन और विस्फोटक खरीद रहा था। दरअसल नियमानुसार विस्फोटक उसे ही बेचा जा सकता है, जो लाइसेंसधारी हो, ऐसे में बिना लाइसेंस वाले को विस्फोटक और मैगजीन बेचने के मामले में एटीएस ने सभी को गिरफ्तार किया है। बिहारीलाल और उसका बेटा अकुंश सुहालका इन्हीं लोगों से तीन गुना दामों पर हर सप्ताह विस्फोटक सामग्री मंगवाया करते थे।

बिहारीलाल सुहालका लंबे वक्त से धोल की पाटी में विस्फोट सामग्री बेच रहा था।

बिहारीलाल सुहालका लंबे वक्त से धोल की पाटी में विस्फोट सामग्री बेच रहा था।

बता दें कि 12 नवंबर को उदयपुर-अहमदाबाद रेलवे लाइन पर ओड़ा रेलवे ब्रिज पर धूलचंद ने भतीजे प्रकाश और एक नाबालिग के साथ मिलकर ब्लास्ट किया था। आरोपियों ने दोनों पटरियों को उड़ाने के लिए पुल के पास पर डेटोनेटर लगाए थे। हालांकि सही तरीके से ब्लास्ट नहीं होने से दोनों पटरियों पर ब्लास्ट नहीं हो पाया था। 13 नवंबर सुबह को 2 ग्रामीणों ने इसकी सूचना पर रेलवे को देकर ट्रेन को रूकवाई थी। इसके बाद पुलिस कड़ी से कड़ी जोड़ती हुई 5 दिन बाद आरोपियों तक पहुंच गई थी। एकलिंगपुरा, ओड़ा गांव आरोपी धूलचंद ने पूछताछ में बताया कि उसने रेलवे से मुआवजा नहीं मिलने से पुल पर ब्लास्ट किया था, ताकि रेलवे को सबक सिखाया जा सके।

धूलचंद ने उसके भतीजे प्रकाश और एक नाबालिग के साथ मिलकर 12 नबंवर को रेलवे ब्रिज पर ब्लास्ट किया था।

धूलचंद ने उसके भतीजे प्रकाश और एक नाबालिग के साथ मिलकर 12 नबंवर को रेलवे ब्रिज पर ब्लास्ट किया था।

उदयपुर पुलिस, रेलवे और एटीएस की पड़ताल में अब तक धूलचंद के पिता या दादा की रेलवे में किसी जमीन के अधिग्रहण की बात सामने नहीं आई है। एटीएस ने इस मामले में नक्सलवाद की एंगल पर जांच की हैं। धूलचंद को यह करने के लिए किसी ने उकसाया तो नहीं। इस बारे में भी जांच में अब तक कुछ सामने नहीं आया है। फिलहाल धूलचंद समेत चारों आरोपी एटीएस के पास है। टीम रोजाना आरोपियों से पूछताछ कर रही हैं।

धूलचंद के पिता सवजी ने उनकी किसी भी जमीन के रेलवे में अधिग्रहण की बात से साफ इनकार किया हैं।

धूलचंद के पिता सवजी ने उनकी किसी भी जमीन के रेलवे में अधिग्रहण की बात से साफ इनकार किया हैं।

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