200 ग्राम वजन उठा सकता है, ऑटोनोमस व जीपीएस मॉड्यूल का ड्रोन | Students of Purnima Engineering College made autonomous and GPS module drone, can lift 200 kg weight


जयपुर6 मिनट पहले

जयपुर के पूर्णिमा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के स्टूडेंट्स का बनाया ड्रोन नेशनल ड्रोन रैंकिंग कॉम्पीटिशन के फर्स्ट राउंड में टॉप—20 में चुना गया है।

जयपुर के पूर्णिमा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के स्टूडेंट्स का बनाया ड्रोन नेशनल ड्रोन रैंकिंग कॉम्पीटिशन के फर्स्ट राउंड में टॉप—20 में चुना गया है। एविएशन एंड स्पेस फेडरेशन फॉर यूनिवर्स (एएसएफयू) इंडिया व डोरोटिक्स (ड्रोन एंड रोबोटिक्स), बीआईएजी और इंटरनेशनल एविएशन गेम्स बोर्ड की ओर से आयोजित इस रैंकिंग में यहां तक पहुंचने वाली यह राजस्थान की एकमात्र टीम है। इसके लिए देशभर के कॉलेजों की ओर से ड्रोन तैयार कर उनके वीडियो सबमिट किए गए।

इस रैंकिंग में यहां तक पहुंचने वाली यह राजस्थान की एकमात्र टीम है। इसके लिए देशभर के कॉलेजों की ओर से ड्रोन तैयार कर उनके वीडियो सबमिट किए गए।

पूर्णिमा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के लखन सिंह, हर्षित परमार, कनिष्क पामेचा व अंजना ने कॉलेज के उड़ान एयरोमॉडलिंग क्लब की गाइडेंस में एक ऑटोनोमस व जीपीएस मॉड्यूल का ड्रोन तैयार किया। हर्षित परमार ने बताया कि करीब एक किलोग्राम वजन वाला यह ड्रोन 120 मीटर ऊंचाई तक उड़ सकता है और यह लगभग 200 ग्राम वजन भी साथ ले जा सकता है। बीटा फ्लाइट सॉफ्टवेयर से डेटा फ्लाइट कंट्रोलर में डाला जाता है और इसे जो भी लोकेशन दी जाती है, ड्रोन उस पर ऑटोमैटिक मूव करता है और ट्रेकिंग के बाद वापस लैंड कर जाता है। इस ड्रोन को हवा में स्टंट व डांस कराकर कंट्रोल कर इसका वीडियो कॉम्पिटिशन के लिए अपलोड किया। वहां ड्रोन की कंट्रोलिंग व फंक्शनिंग तथा सोश्यल मीडिया पर इस वीडियो को मिले रिस्पॉन्स जैसे विभिन्न पैमानों के आधार पर देशभर की प्रविष्टियों में से सेकंड राउंड के लिए इन टॉप—20 टीमों का चयन किया गया।

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