481 ग्राम पंचायतों में नहीं शुरू हो सके जनसेवा केंद्र, लोगों को परेशानी का करना पड़ रहा सामना | Public service centers could not be started in 481 gram panchayats, people are facing problems


अम्बेडकरनगर30 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

ग्रामीणों को आय, जाति, निवास जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र सहित अन्य कामों के लिए ब्लाक या तहसील का चक्कर न लगाना पड़े। इसके लिए शासन ने गांव में पंचायत भवन का निर्माण कराया। साथ ही इसके देखरेख के लिए पंचायत सहायक की नियुक्ति किया। पंचायत भवन में जनसेवा केंद्र खोलने का निर्देश दिया था। इसी के तहत 421 पंचायत भवनों में जनसेवा केंद्र की स्थापना हो गयी है, लेकिन 481 ग्राम पंचायतों में ये सुविधा अभी शुरू नहीं हो सकी, जिसके चलते लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

902 ग्राम पंचायतों को बनाया जा रहा हाईटेक

ग्राम पंचायतों में योजनाओं के समुचित संचालन के लिए पंचायत भवन को वाई-फाई से लैस करने के साथ ही कम्प्यूटर व फर्नीचर भी उपलब्ध करा दिए गए थे। बीते दिनों शासन ने मिनी सचिवालयों की उपयोगिता बढ़ाने के लिए इनमें जनसेवा केंद्र का भी संचालन करने का निर्णय लिया। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि कई तरह के प्रमाणपत्रों के साथ ही जनसेवा केंद्र से 243 तरह की सेवाओं का लाभ भी ग्रामीणों को आसानी से मिल सके। जनसेवा केंद्रों के सुचारु संचालन की जिम्मेदारी इंडिया पावर लिमिटेड व वैमटेक को सौंपी गई है। टांडा, भीटी, जहांगीरगंज, बसखारी व भियांव ब्लॉक की जिम्मेदारी वेमटेक को जबकि अकबरपुर, जलालपुर, कटेहरी व रामनगर विकास खंड क्षेत्र की ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी इंडिया पावर लिमिटेड को मिली है।

481 में पंचायतों में नहीं शुरू हो सकी सुविधा

डीपीआरओ अवनीश श्रीवास्तव ने बताया कि मौजूदा समय में 421 पंचायतों के लिए आईडी जनरेट कर दी गई है। ऐसे में इन पंचायतों के भवन में जनसेवा केंद्र का संचालन भी प्रारंभ हो गया है। केंद्र के संचालन से ग्रामीणों को ई-श्रम कार्ड, आधार कार्ड संशोधन, आय, जाति व निवास प्रमाणपत्र, पैन कार्ड, राशनकार्ड, बिजली बिल, रेलवे टिकट समेत कुल 243 तरह की सेवाओं का लाभ मिलेगा। 481 पंचायत भवनों में जल्द ही जनसेवा केंद्र शुरू कर दिया जाएगा।

खबरें और भी हैं…



Source link

Leave a Comment